सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं (Skip to content)
महोबा इतिहास 4 प्रसंग उपलब्ध • 11 September 2026

प्रतापी आल्हा और ऊदल

प्रतापी आल्हा और ऊदल

यह कहानी महोबा के चंदेल राजवंश के वीर सेनापति और रक्षक, आल्हा और ऊदल की अद्भुत वीरता और स्वामी-भक्ति को समर्पित है। पृथ्वीराज चौहान के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष से लेकर उनके जीवन के ५२ प्रसिद्ध युद्धों की गाथा इस विवरण में शामिल है। सन १९३७ की मूल ऐतिहासिक पुस्तक पर आधारित यह लेख बुंदेलखंड के लोक-साहित्य और उनके अदम्य साहस को पाठकों के सामने लाता है।

प्रसंग सूची (Table of Contents)

कुल 4 प्रसंग
1

चंद्रवंश की उत्पत्ति की कहानी

आल्हा-ऊदल की अमर वीरगाथा, महोबा के इतिहास और चन्देल वंश की पृष्ठभूमि को समझने के लिए चन्द्रवंश की पौराणिक उत्पत्ति और राजा पुरूरवा की गौरवशाली परंपरा का परिचय।

पढ़ें
2

चन्देलों की उत्पत्ति – चन्द्रवंश से महोबा तक की कहानी

चन्द्रवंश से चन्देल वंश की उत्पत्ति, चन्द्रवर्मा के पराक्रम, चन्देल राज्य की स्थापना और महोबा पर परमाल के अधिकार तक की कथा। जानिए उस गौरवशाली वंश की कहानी, जिसकी भूमि आगे चलकर आल्हा और ऊदल की वीरगाथा की कर्मभूमि बनी।

पढ़ें
3

चन्देलों का उत्कर्ष और वीरता का युग

चन्देलों के उदय, विशाल राज्य की स्थापना और भारत के उस वीरता-भरे युग की कथा, जिसमें चन्देल, चौहान, सिसोदिया और अन्य राजपूत शक्तियाँ अपने पराक्रम से इतिहास रच रही थीं। इसी युग में आगे चलकर आल्हा और ऊदल जैसे महान वीरों का जन्म हुआ।

पढ़ें
4

चिन्तामणि से दच्छराज-बच्छराज तक: वनाफर वीरों की उत्पत्ति

वीर चिन्तामणि से आरम्भ होकर सोरठ, दच्छराज और बच्छराज तक पहुँचने वाली यह कथा वनाफर वंश की उत्पत्ति, उसके वंश-क्रम, तपस्या, वैराग्य और वीर परम्परा का वर्णन करती है। महात्मा सोरठ के वैराग्य और उनके पुत्र दच्छराज-बच्छराज के पालन-पोषण से जुड़ी घटनाएँ इस प्रसंग में विस्तार से वर्णित हैं।

पढ़ें